Democracy and constitutional values ​​are being trampled under BJP rule; the ‘throw money and watch the spectacle’ game is extremely dangerous for democracy: Harshvardhan Sapkal
Democracy and constitutional values ​​are being trampled under BJP rule; the ‘throw money and watch the spectacle’ game is extremely dangerous for democracy: Harshvardhan Sapkal

मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी Shivsena UBT के छह सांसदों द्वारा की गई बगावत केवल उद्धव ठाकरे और उनकी शिवसेना के साथ की गई गद्दारी नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी के साथ भी विश्वासघात है। जनता ने इन्हें महायुति के खिलाफ मतदान करके विजयी बनाया था, इसलिए यह जनता के विश्वास के साथ भी धोखा है। ऐसे गद्दारों को आगे चलकर जनता ही सबक सिखाएगी, ऐसा इशारा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल Harshwardhan vasantrao sapkal ने दिया है।

इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि शिवसेना (यूबीटी) से बगावत कर बाहर निकलने वाले ये छह सांसद महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में इन छहों के लिए कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रचार किया था। उन्होंने किसी भी धमकी की परवाह नहीं की, किसी लालच में नहीं आए और जनता ने उन पर विश्वास जताया। यह बगावत उन सभी का अपमान है और इन छह सांसदों ने उन सभी के साथ विश्वासघात किया है। पैसों के लिए बिक जाने वाले ऐसे लोग जनता की सेवा नहीं कर सकते, उन्हें केवल पैसा चाहिए। जो लोग पैसे के लिए बिक जाते हैं, वे किसी के भी सच्चे नहीं हो सकते, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को कुचलते हुए ‘हम करें सो कानून’ की तर्ज पर तुगलकी शासन शुरू कर दिया है। सत्ता, सत्ता और केवल सत्ता ही उनका लक्ष्य बन गया है। पिछले कुछ वर्षों से चुनाव ‘पैसा फेंको, तमाशा देखो’ का खेल बनकर रह गए हैं। यदि चुनाव में जीत नहीं मिलती तो विजयी उम्मीदवारों को पैसे के बल पर खरीद लिया जाता है, और यदि वह भी संभव न हो तो चुनाव आयोग का सहारा लेकर उनकी उम्मीदवारी ही रद्द कर दी जाती है। इस प्रकार का विकृत राजनीतिक आचरण लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। लेकिन सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इन घटनाओं में न विधानमंडल, न संसद और न ही न्यायपालिका में कहीं न्याय मिलता दिखाई देता है। भाजपा ने सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और भय तथा दबाव के बल पर शासन चलाया जा रहा है, ऐसा भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा। 

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