The appearance of the Prime Minister's name in the Epstein files is an extremely serious matter; the RSS—which constantly beats the drum of culture—should demand Narendra Modi's resignation: Harshvardhan Sapkal.
The appearance of the Prime Minister's name in the Epstein files is an extremely serious matter; the RSS—which constantly beats the drum of culture—should demand Narendra Modi's resignation: Harshvardhan Sapkal.

नागपुर/मुंबई: मानवता को कलंकित करने वाली विकृत एपस्टीन फाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। एपस्टीन फाइल epstein files में जिन-जिन लोगों के नाम दुनिया भर में सामने आएउन्होंने इस्तीफा दिया है और कुछ को गिरफ्तार भी किया गया है। लेकिन भारत में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नरेंद्र मोदी PM Narendra modi खुद कहते हैं कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कारण प्रधानमंत्री बने। RSS हमेशा संस्कृति और नैतिकता की बात करता हैतो उसी नैतिकता के आधार पर संघ को नरेंद्र मोदी से इस्तीफा लेना चाहिएऐसी मांग कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल Harshwardhan Sapkal ने की है।

एपस्टीन फाइल मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष एड. प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान चौक से RSS कार्यालय तक संयुक्त मार्च निकाला गया। इस मार्च में वंचित के नेता हर्षवर्धन पुंडकरनागपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विधायक विकास ठाकरेविधायक साजिद खान पठाणपूर्व मंत्री अनीस अहमदप्रदेश कांग्रेस के महासचिव सुरेश भोयरअतुल कोटेचा सहित कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।

 इस मार्च से घबराई भाजपा सरकार ने पुलिस को आगे कर मार्च की अनुमति नहीं दी और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कीलेकिन हजारों की संख्या में कार्यकर्ता RSS मुख्यालय क्षेत्र तक पहुंच गए।

 मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एपस्टीन फाइल में नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम आने के बाद प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने झुक गए हैं। इसी दबाव में उन्होंने व्यापार समझौते कर भारत को कमजोर किया है। देश में गैस सिलेंडर महंगे हो रहे हैंलेकिन मोदी इस पर कुछ नहीं बोलते। संसद से भी गायब रहते हैं। एपस्टीन फाइल में नाम आने के बावजूद कोई कार्रवाई न होना बेशर्मी का उदाहरण है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और वंचित की भूमिका समान हैइसलिए संयुक्त मार्च निकाला गया। मार्च निकालना संविधानिक अधिकार हैलेकिन मुख्यमंत्री और गृह मंत्री पुलिस पर दबाव डाल रहे हैं। RSS कार्यालय पर मार्च से भाजपा की बदनामी होगीइस डर से अनुमति नहीं दी गईलेकिन हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

 अशोक खरात के मामले पर सवाल..

नासिक के कथित भोंदू बाबा अशोक खरात का मामला हमने उजागर कियाऐसा दावा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि पिछले पांच साल में जब वे गृह मंत्री थेतब यह मामला कैसे बढ़ता रहाक्या वे सो रहे थेयह उनकी विफलता है। मामले के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने इस्तीफा दियालेकिन उसमें नैतिकता नहीं दिखती।

संविधान चौक पर सभा में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि हम संविधान और तिरंगा RSS को सौंपना चाहते थेलेकिन सरसंघचालक मोहन भागवत इससे डरकर दिल्ली चले गए। भाजपा और RSS संविधान खत्म कर अपनी विचारधारा थोपना चाहते हैं और देश को कॉर्पोरेट घरानों के हवाले करना चाहते हैं।

 वहींएड. प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है। भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका ने 18% कर लगाया हैजबकि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत में शून्य कर है। यह भारत को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल में मोदी का उल्लेख है और देश का स्वाभिमान खतरे में है।उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा जैसे देश अमेरिका के सामने नहीं झुकतेतो भारत क्यों झुक रहा हैसरसंघचालक को 15 दिनों में मोदी से जवाब मांगना चाहिए।कांग्रेस और वंचित की विचारधारा अलग हो सकती हैलेकिन देशसंविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम साथ आए हैंऐसा भी आंबेडकर ने कहा।

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