
मुंबई: पेट्रोल में एथेनॉल ethanol मिलाकर सरकार में बैठे कुछ लाभार्थियों और उनके परिवारों को करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाया गया, लेकिन इसकी वजह से देश के लाखों वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों में कई तरह की खराबियां आई हैं। यह एक बड़ा घोटाला है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM Narendra Modi, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी Union Minister Nitin Gadkari तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस CM Union Minister Nitin Gadkari जिम्मेदार हैं। एथेनॉल घोटाले के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस्तीफा लिया जाए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल Harshvardhan Sapkal ने की है।
तिलक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि E-20 का निर्णय वर्ष 2030 में लागू होना अपेक्षित था, लेकिन मोदी सरकार में कुछ हितसंबंधित लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इसे जल्दबाजी में लागू कर दिया गया। एथेनॉल की जगह पेट्रोल में पानी मिलाए जाने की गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। खाड़ी क्षेत्र में ईंधन की कमी का फायदा उठाने के लिए बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है और इसका पर्दाफाश होना चाहिए। नितिन गडकरी के हठ के कारण अनेक वाहन बंद पड़ गए। एथेनॉल की सबसे अधिक वकालत करने वाले व्यक्ति नितिन गडकरी ही हैं। इस घोटाले में कई बिचौलिए भी शामिल हैं और उनका भी जल्द ही पर्दाफाश होगा। पेट्रोल की कीमत पर पानी बेचकर जनता के साथ बड़ी धोखाधड़ी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
आरएसएस का एजेंडा लागू करने के लिए फडणवीस को दिल्ली भेजा जा रहा है!
देवेंद्र फडणवीस के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली भेजने की साजिश चल रही है और उन्हें भी दिल्ली जाने की जल्दी है। हिंदी थोपने का निर्णय भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा था। महायुति सरकार में उनकी राजनीतिक भूमिका समाप्त करने के प्रयास भी चल रहे हैं। वास्तव में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अमित शाह हैं, जबकि देवेंद्र फडणवीस केवल ‘शैडो मुख्यमंत्री’ हैं। भाजपा और आरएसएस को अपना एजेंडा लागू करने के लिए रेशीम बाग का एक भरोसेमंद व्यक्ति चाहिए और वह देवेंद्र फडणवीस हैं। मनुस्मृति के श्लोकों को शामिल करना, चातुर्वर्ण व्यवस्था को फिर से लागू करना तथा संविधान और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए फडणवीस को उपयुक्त व्यक्ति माना जा रहा है। इसी कारण उन्हें दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाने की तैयारी की जा रही है, ऐसा भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।






























































































































































































