
मुंबई:नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान Dharmendra pradhan ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन इससे यह लड़ाई समाप्त नहीं हुई है। मोदी सरकार के शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान सहित इस पूरे रैकेट में शामिल सभी लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Pm Narendra Modi देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। जब तक ये सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। यह चेतावनी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल Harshwardhan Sapkal ने दी।
इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा, लेकिन उनके इस्तीफे से संतुष्ट होने की आवश्यकता नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में परीक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित कर “वन नेशन, वन एग्जामिनेशन” के नाम पर 152 बार पेपर लीक हुए। एक विशेष वर्ग और भाजपा से जुड़े लोगों को इसका लाभ पहुंचाया गया तथा भ्रष्ट तरीकों से भारी धन कमाया गया। नीट परीक्षा की तैयारी पर अभिभावक जितना खर्च करते हैं, वह केंद्र सरकार के पांच मंत्रालयों के कुल खर्च से भी अधिक है। इस पूरे रैकेट की जड़ें बहुत गहरी हैं। जब तक इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हो जाता, तब तक शांत नहीं बैठा जाएगा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कांग्रेस पार्टी द्वारा शुरू किया गया आंदोलन समाप्त नहीं होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा। यह बात भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट की।





























































































































































































