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भारत में छात्र आंदोलनों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने वाली नेहा बोरा (Neha Bora) इन दिनों चर्चा में हैं। वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी JNU में शोधार्थी भी हैं। हाल के वर्षों में छात्र हित, परीक्षा व्यवस्था, कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा सुधार से जुड़े आंदोलनों में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

कौन हैं नेहा बोरा?

नेहा बोरा एक छात्र नेता और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं। वह All India Students’ Association (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। AISA छात्र और युवाओं से जुड़े शिक्षा, रोजगार, छात्र अधिकार और कैंपस लोकतंत्र जैसे मुद्दों पर सक्रिय संगठन है।

नेहा बोरा ने हाल के छात्र आंदोलनों में प्रमुख भूमिका निभाई है और विशेष रूप से दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद वह व्यापक चर्चा में आईं।

Neha Bora की शिक्षा

रिपोर्टों के अनुसार, नेहा बोरा ने अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली में प्राप्त की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान में वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में थिएटर और परफॉर्मेंस स्टडीज से जुड़े विषय पर PhD कर रही हैं।

AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भूमिका

नेहा बोरा छात्र अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रही हैं। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वह देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र और युवा संगठनों से संवाद करती रही हैं।

हाल के समय में उन्होंने परीक्षा प्रणाली, कथित परीक्षा अनियमितताओं, National Testing Agency (NTA) और National Education Policy (NEP) जैसे मुद्दों पर अपनी राय और संगठन की मांगें सार्वजनिक रूप से रखी हैं।

23 दिन की भूख हड़ताल से मिली राष्ट्रीय पहचान

नेहा बोरा उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आईं, जब उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह आंदोलन परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर हुआ था और बोरा ने इसमें करीब 23 दिनों तक भाग लिया।

इस आंदोलन के बाद नेहा बोरा देशभर में छात्र राजनीति के चर्चित चेहरों में शामिल हो गईं।

झारखंड के छात्र आंदोलन में भी रहीं सक्रिय

दिल्ली के आंदोलन के बाद नेहा बोरा झारखंड में छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल हुईं। वहां प्रदर्शन के दौरान उन पर स्याही फेंके जाने की घटना भी सामने आई थी। यह मामला कथित परीक्षा और भर्ती अनियमितताओं के विरोध से जुड़ा था।

युवाओं और Gen Z से संवाद

नेहा बोरा ने हाल के महीनों में विभिन्न शहरों में छात्र और युवा कार्यक्रमों में भाग लिया है। वह शिक्षा, रोजगार, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखती रही हैं। अगस्त 2026 में उन्होंने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में भी छात्र और युवा आंदोलनों को लेकर अपने विचार रखे।

क्यों चर्चा में हैं नेहा बोरा?

नेहा बोरा के चर्चा में रहने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं—

– AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष होना
– JNU में PhD शोधार्थी होना
– छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका
– जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन में भागीदारी
– परीक्षा और शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर मुखर राय
– देश के विभिन्न राज्यों में छात्र-युवा आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी

निष्कर्ष

नेहा बोरा वर्तमान समय में भारत की चर्चित युवा छात्र नेताओं में शामिल हैं। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष और JNU की शोधार्थी के रूप में उन्होंने शिक्षा, छात्र अधिकार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जंतर-मंतर से लेकर झारखंड और देश के अन्य हिस्सों तक छात्र आंदोलनों में उनकी सक्रियता ने उन्हें राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनाया है।

आने वाले समय में शिक्षा और छात्र राजनीति से जुड़े आंदोलनों में नेहा बोरा की भूमिका पर नजर बनी रहेगी।

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