Television Craze in India: एक समय था जब घर में टीवी आना किसी बड़ी खुशी से कम नहीं माना जाता था। शाम होते ही पूरा परिवार टीवी के सामने बैठ जाता था। धारावाहिक, फिल्में, समाचार, क्रिकेट और रविवार के खास कार्यक्रम देखने के लिए लोग अपने काम जल्दी खत्म कर लेते थे।
लेकिन आज मोबाइल फोन, YouTube, OTT प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने मनोरंजन की दुनिया बदल दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आज टेलीविजन की क्रेज कम हो गई है या अभी भी लोग टीवी देखना पसंद करते हैं?
टीवी की क्रेज कम हुई है, लेकिन टीवी खत्म नहीं हुआ
आज टीवी देखने का तरीका जरूर बदला है। पहले दर्शक अपने पसंदीदा कार्यक्रम के समय का इंतजार करते थे, जबकि अब मोबाइल और OTT के कारण दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार कंटेंट देख सकते हैं।
फिर भी भारत में टेलीविजन की पहुंच बहुत बड़ी है। केंद्र सरकार के 2025 के आंकड़ों के अनुसार भारत में 23 करोड़ से अधिक टीवी घरों में करीब 90 करोड़ दर्शकों तक टेलीविजन पहुंचता है। इससे साफ है कि टीवी की लोकप्रियता खत्म नहीं हुई है।
युवा मोबाइल और OTT की तरफ क्यों जा रहे हैं?
युवा दर्शकों की मनोरंजन की आदतों में सबसे बड़ा बदलाव स्मार्टफोन और इंटरनेट ने किया है।
आज मोबाइल पर कुछ सेकंड में:
– YouTube वीडियो देख सकते हैं
– Instagram Reels और Shorts देख सकते हैं
– OTT पर फिल्म या वेब सीरीज देख सकते हैं
– लाइव क्रिकेट और दूसरे खेल देख सकते हैं
– समाचार पढ़ने और देखने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं
2025 के एक सर्वे में 39 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बताया कि उनके स्क्रीन टाइम का बड़ा हिस्सा OTT और फिल्मों में जाता है। वहीं 33 प्रतिशत लोगों ने समाचार और राय के लिए टीवी न्यूज चैनलों को स्रोत बताया।
टीवी देखने का समय अभी भी काफी ज्यादा
यह मान लेना गलत होगा कि लोग टीवी देखना छोड़ चुके हैं। FICCI-EY की 2026 रिपोर्ट के अनुसार 2025 में भारत में टीवी की औसत दैनिक viewing करीब 3 घंटे 44 मिनट रही, जो पिछले साल की तुलना में 0.5 प्रतिशत अधिक थी। टीवी की कुल पहुंच भी लगभग स्थिर रही। यानी टीवी का पारंपरिक दर्शक आधार अभी भी मजबूत है।
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परिवार के साथ टीवी देखने की परंपरा
टीवी की सबसे बड़ी खासियत आज भी यह है कि इसे पूरा परिवार एक साथ देख सकता है।
घर में समाचार, क्रिकेट मैच, धार्मिक कार्यक्रम, फिल्म या लोकप्रिय धारावाहिक देखने के लिए परिवार के सदस्य एक साथ बैठते हैं। मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अक्सर व्यक्तिगत स्क्रीन पर होता है, जबकि टीवी आज भी सामूहिक मनोरंजन का माध्यम बना हुआ है।
क्रिकेट और बड़े कार्यक्रमों से टीवी की लोकप्रियता
भारत में क्रिकेट टीवी की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण है। बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट, IPL, राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम और महत्वपूर्ण समाचार घटनाएं टीवी दर्शकों को लगातार जोड़ते हैं।
FICCI-EY के अनुसार 2025 में खेलों की टीवी viewership में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें बड़े क्रिकेट आयोजनों की भूमिका रही।
हालांकि दूसरी तरफ खेलों की streaming भी OTT और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ रही है।
OTT ने टीवी को सबसे बड़ी चुनौती दी
OTT ने टेलीविजन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी की है। पहले किसी फिल्म को देखने के लिए टीवी पर उसके प्रसारण का इंतजार करना पड़ता था। अब Netflix, Amazon Prime Video, JioHotstar जैसे प्लेटफॉर्म पर दर्शक अपनी पसंद के समय फिल्म, वेब सीरीज या शो देख सकते हैं। इसी कारण युवा दर्शकों में “जब चाहो तब देखो” वाली आदत बढ़ी है।
मोबाइल ने बदली मनोरंजन की दुनिया
आज मनोरंजन के लिए टीवी का इंतजार जरूरी नहीं है। स्मार्टफोन हर समय लोगों के साथ रहता है।
खाली समय में लोग कुछ मिनटों के लिए भी Reels, Shorts या YouTube वीडियो देख लेते हैं। इससे टीवी के लंबे कार्यक्रमों के मुकाबले छोटे वीडियो का इस्तेमाल बढ़ा है।
2025 में भारत के डिजिटल कंटेंट इस्तेमाल में OTT, Reels और Shorts की भूमिका लगातार बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई।
फिर भी टीवी क्यों जरूरी है?
टेलीविजन की सबसे बड़ी ताकत उसकी व्यापक पहुंच और बड़े स्क्रीन का अनुभव है।
खासकर:
– बुजुर्ग दर्शक
– परिवार के साथ मनोरंजन करने वाले लोग
– क्रिकेट और दूसरे खेलों के दर्शक
– समाचार देखने वाले दर्शक
– क्षेत्रीय भाषा के कार्यक्रम पसंद करने वाले दर्शक
अभी भी टीवी से जुड़े हुए हैं।
FICCI-EY के अनुसार 2025 में टीवी viewership का बड़ा हिस्सा मनोरंजन और फिल्मों से आया और General Entertainment Channels तथा फिल्मों की हिस्सेदारी लंबे समय से मजबूत बनी हुई है।
क्या टीवी की जगह Smart TV ने ले ली?
यह भी एक दिलचस्प बदलाव है। आज Smart TV खुद टीवी और इंटरनेट के बीच की दूरी कम कर रहा है।
एक ही स्क्रीन पर अब:
DTH + टीवी चैनल + YouTube + OTT + इंटरनेट कंटेंट सब उपलब्ध है।
इसलिए भविष्य में मुकाबला केवल TV बनाम OTT का नहीं रहेगा, बल्कि टीवी स्क्रीन पर अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म एक साथ मौजूद रहेंगे।
टीवी उद्योग पर दबाव जरूर बढ़ा है
दर्शकों के बदलते व्यवहार का असर टीवी उद्योग पर भी पड़ा है। 2024 में भारतीय टेलीविजन उद्योग के राजस्व में गिरावट दर्ज की गई और Pay TV घरों की संख्या में भी कमी आई। वहीं Free TV और Connected TV की भूमिका बढ़ रही है।
2026 में भी टीवी उद्योग को डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर दर्शकों और विज्ञापनदाताओं के बढ़ते रुझान से दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
क्या भविष्य में टीवी खत्म हो जाएगा?
ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। टीवी का पारंपरिक रूप जरूर बदल रहा है, लेकिन बड़ी स्क्रीन पर कंटेंट देखने की आदत खत्म नहीं हो रही। बल्कि टीवी खुद Smart TV और Connected TV के रूप में डिजिटल दुनिया से जुड़ रहा है।
इसलिए भविष्य में संभव है कि दर्शक यह न सोचें कि उन्हें टीवी देखना है या OTT। वे एक ही स्क्रीन पर दोनों का इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
आज टेलीविजन की क्रेज कम होने के बजाय उसका स्वरूप बदल गया है।
पहले टीवी मनोरंजन का मुख्य और लगभग एकमात्र साधन था। आज उसके साथ मोबाइल, YouTube, OTT और सोशल मीडिया जुड़ चुके हैं। युवा दर्शक डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर ज्यादा आकर्षित हैं, लेकिन भारत में टीवी की पहुंच अभी भी बहुत बड़ी है।
इसलिए यह कहना ज्यादा सही होगा कि टीवी की लोकप्रियता खत्म नहीं हुई है, बल्कि टीवी और डिजिटल मनोरंजन एक-दूसरे के साथ मिलकर नई मीडिया दुनिया बना रहे हैं।


































































































































































































