
मुंबई/नागपुर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी का बड़ा स्कैंडल सबूतों सहित उजागर किया है। भाजपा, चुनाव आयोग की मदद से वोट चोरी कर रही है और यह मुद्दा केवल कांग्रेस पार्टी का नहीं, बल्कि सभी लोगों का है। राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए लड़ रहे हैं, और इस लड़ाई में सभी को सहभागी होना चाहिए, ऐसा आवाहन महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।
देश के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ पत्र लिखे जाने के मुद्दे पर नागपुर में मीडिया से बात करते हुए प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि “गली-गली में शोर है, चुनाव आयोग चोर है” — यह अब सभी को समझ में आ गया है। यह मुद्दा सिर्फ कांग्रेस का नहीं, बल्कि नागरिकों का है, मीडिया का है। इसलिए राहुल गांधी की इस लड़ाई में सबको एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है, और इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए।
महाराष्ट्र को गुजरात के हाथो गिरवी रखा…
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली जाकर अमित शाह से मुलाकात की। इस पर बोलते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा-महायुती ने महाराष्ट्र के स्वाभिमान को गुजरात के हाथोंमे गिरवी रख दिया है। देवेंद्र फडणवीस शैडो मुख्यमंत्री हैं और महाराष्ट्र के सभी निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही लेते हैं। इसलिए छोटे-बड़े सभी मामलों की शिकायतें अमित शाह तक ले जाई जाती हैं। दूसरे उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी हाल ही में अमित शाह से मिले थे, और उसके बाद पार्थ पवार को पुणे भूमि घोटाले से क्लीन चिट दे दी गई। गैंग्स ऑफ ट्रिपल इंजन सरकार में आंतरिक गुटबाजी चरम पर है, और इसी कारण उन्हें बार-बार दिल्ली दौड़ लगानी पड़ती है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।
आघाड़ी का निर्णय स्थानीय स्तर पर…
मनसे के साथ आघाड़ी या गठबंधन करने के लिए मुंबई या महाराष्ट्र की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। गठबंधन का अधिकार स्थानीय स्तर को दिया गया है। मुंबई महानगरपालिका चुनाव स्वबल पर लड़ने की भारी कार्यकर्ता-भावना है, जिसका सम्मान पार्टी को करना चाहिए। हम अपनी भूमिका पर दृढ़ हैं। इंडिया गठबंधन से बाहर का कोई भी दल यदि आघाड़ी में आना चाहता है, तो उसे प्रस्ताव देना होगा, जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। शिवसेना एक स्वतंत्र पार्टी है; अपनी नीति तय करना और किससे गठबंधन करना यह उनका विषय है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।
कांग्रेस को महाराष्ट्र धर्म मत सिखाइए…
मनसे के आरोपों का जवाब देते हुए प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने कहा कि मराठी अस्मिता का मुद्दा है और उसे संजोने का अधिकार संविधान ने दिया है। मराठी केवल भाषा का विषय नहीं, बल्कि ‘महाराष्ट्र धर्म’ है—और महाराष्ट्र धर्म कांग्रेस को कोई सिखाने की ज़रूरत नहीं। पहली कक्षा से हिंदी अनिवार्य करने का मुद्दा सामने आया था, तब सबसे पहले कांग्रेस ने उसका विरोध किया था, यह याद दिलाते हुए सपकाल ने मनसे को जवाब दिया।
नगरपालिका चुनाव प्रचार…
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज विदर्भ के अमरावती और अकोला जिलों में प्रचार सभाएँ कीं। नागपुर से वे अमरावती जिले के चांदूर रेलवे नगरपालिके के चुनाव प्रचार में शामिल हुए। इसके बाद अंजनगांव सुर्जी, अकोट और बालापुर में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार सभाएँ कीं।





























































































































































































