
मुंबई/नई दिल्ली : राज्य के किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है, लेकिन महायुति सरकार का उनकी ओर कोई ध्यान नहीं है। कुंभ मेले में CCTV पर 300 करोड़ रुपये खर्च करने वाली महायुति सरकार किसानों को कोई मदद नहीं कर रही है। किसानों के हाथों से निवाला छिन रहा है, लेकिन मंत्रिमंडल की बैठक में इस मुद्दे पर कोई चर्चा तक नहीं हुई। किसानों की स्थिति को देखते हुए सरकार तत्काल सूखा घोषित करे और प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे, यह मांग कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।
नई दिल्ली स्थित नवीन महाराष्ट्र सदन में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महाराष्ट्र में सबसे बड़ा कृषि सीजन खरीफ का है। बारिश के दगा देने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। बुवाई में देरी हुई और अब पिछले एक महीने से बारिश नहीं हुई है। किसानों ने जो बोया, वह उगा नहीं और जो उगा, वह सूखकर बर्बाद हो गया है। बारिश के रुक जाने के बाद कृत्रिम बारिश कराने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
बिजली गुल होने के कारण जहां पानी उपलब्ध है, वहां के किसान भी अपनी फसलों को पानी नहीं दे पा रहे हैं। सरकार को अभी से संभावित जल संकट को ध्यान में रखते हुए योजना बनानी चाहिए। पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। एक भी किसान की जान न जाए, इसके लिए सरकार को आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए। केंद्र सरकार के निर्धारित मानदंडों के अनुसार किसानों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
MPSC का कारभार सुधरने का नाम नहीं ले रहा…
राज्य के लाखों विद्यार्थी सरकारी नौकरी हासिल कर अधिकारी बनने का सपना देखते हैं। पुणे में लाखों विद्यार्थी MPSC की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या बड़ी है। लेकिन MPSC के लापरवाह और अव्यवस्थित कामकाज ने इन विद्यार्थियों के सपनों पर पानी फेर दिया है। पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्रों में भारी असंतोष है। कई बार विद्यार्थी सड़कों पर उतरकर जवाब मांग चुके हैं, फिर भी MPSC का कामकाज सुधारने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस पार्टी ने MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की है। पिछले कार्यकाल के भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को बचाने के लिए देवेंद्र फडणवीस ने अपने मित्र को MPSC के अध्यक्ष पद पर बैठाया है। औषधि निरीक्षक परीक्षा में हुई गड़बड़ी का मामला अभी ताजा ही है और अब ग्रुप-C का पेपर परीक्षा से पहले ही लीक होने की बात सामने आई है। इसके चलते यह परीक्षा रद्द कर दी गई है। पेपर लीक का अपराध संगठित तरीके से किया जा रहा है और इसमें शामिल लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सांसद पार्थ पवार के खिलाफ मामला दर्ज करें…
पुणे के जमीन घोटाले के मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद पार्थ पवार के खिलाफ मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया, इसका जवाब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को देना चाहिए। यह मामला मुख्यमंत्री ने ही सामने लाया था। अब न्यायालय ने इस मामले में सवाल किया है, इसलिए उसका जवाब भी फडणवीस को देना चाहिए। इस जमीन घोटाले के मुख्य सूत्रधार सांसद पार्थ पवार हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।




























































































































































































