
मुंबईः देश के भविष्य यानी युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने का महापाप भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक एक गंभीर बीमारी बन चुकी है। NEET पेपर लीक neet paper leak 2026 के बाद महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हुआ और अब MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही WhatsApp पर वायरल होने की अनेक शिकायतें सामने आ रही हैं। भाजपा सरकार एक भी परीक्षा पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से नहीं करा पा रही है। पेपर लीक के कारण लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की आशाओं पर बुलडोज़र चल गया है। यदि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ नहीं रुका, तो भाजपा को इसकी भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। यह चेतावनी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल Harshwardhan sapkal ने दी।
भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत पर पेपर लीक ने पानी फेर दिया है। सरकार और सरकारी एजेंसियां केवल लीपापोती और टालमटोल कर रही हैं। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस अत्यंत गंभीर विषय के प्रति सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। पेपर लीक, परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी, अंकों में अनियमितता तथा आधिकारिक शिकायतों और सबूतों के बावजूद सरकार और संबंधित एजेंसियां मौन हैं। TET के परिणामों में गड़बड़ी सामने आने के बाद भी सरकारी तंत्र मानने को तैयार नहीं है कि कोई गड़बड़ी हुई है। वहीं MPSC भी पेपर लीक मामले में गोलमोल स्पष्टीकरण दे रही है। यह लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ अन्याय है। भविष्य बर्बाद करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। यही इस भ्रष्ट और निष्क्रिय सरकार की कार्यप्रणाली बन चुकी है। पेपर लीक का यह रैकेट किसके संरक्षण में चल रहा है? सरकार के किस मंत्री के आशीर्वाद से यह पूरा खेल चल रहा है? फडणवीस सरकार को इसका जवाब देना होगा। यदि युवाओं के भविष्य को इसी तरह बर्बाद किया गया तो यही युवा आपको सत्ता से बाहर करने का काम करेंगे।
घोटालेबाज भाजपा के नेता…
भाजपा के नेताओं और उनके समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। 160 करोड़ रुपये के शालार्थ घोटाले में भाजपा नेता संजय गरुड की गिरफ्तारी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि असली घोटालेबाज कौन हैं। फर्जी शालार्थ आदेशों के आधार पर 841 शिक्षकों एवं कर्मचारियों का अवैध पंजीकरण कर सरकार को लगभग 160 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी भाजपा का ही नेता है। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य की युवा पीढ़ी का भविष्य बर्बाद कर दिया है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।
तीन वर्षों में राज्य के 28,764 उद्योग बंद…
एक ओर शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद किया गया है, तो दूसरी ओर उद्योग जगत की भी हालत खराब कर दी गई है। महाराष्ट्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) तेजी से बंद हो रहे हैं। वर्ष 2023 से 2026 के बीच राज्य में 28,764 MSME इकाइयां बंद हो चुकी हैं। पूरे देश में सबसे अधिक MSME उद्योग महाराष्ट्र में बंद हुए हैं। उद्योग बंद होने के पीछे खुले बाजार की चुनौतियां, उत्पादन लागत में भारी वृद्धि, वित्तीय सहायता की कमी, भ्रष्ट प्रशासन और गुंडागर्दी जैसे कारण जिम्मेदार हैं। इन उद्योगों के बंद होने से करोड़ों रोजगार और आजीविकाओं पर संकट आ गया है। यदि युवा शिक्षा व्यवस्था की अव्यवस्था और पेपर लीक से उबर भी जाएं, तब भी उन्हें रोजगार मिलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं रह गई है। यह स्थिति राज्य के युवाओं के लिए अत्यंत चिंताजनक है और इसके लिए भाजपा सरकार की नीतियां पूरी तरह जिम्मेदार हैं, ऐसा भी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।






























































































































































































