The third and fourth Mumbai and Shaktipeeth highways benefit Adani and Ambani; the general public has no place in the budget.
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नागपुर/मुंबई : नागपुर का शीतकालीन अधिवेशन केवल एक सप्ताह का रखकर भाजपा महायुति सरकार ने विदर्भ करार का सीधा अनादर किया है। किसानमजदूरबेरोजगारकानून-व्यवस्थाभ्रष्टाचारमहिलाओं की सुरक्षा जैसे असंख्य गंभीर मुद्दे होने के बावजूद अधिवेशन में उन पर चर्चा नहीं हो रहीऔर कहीं कुत्ते पकड़नेतेंदुए छोड़ने जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है। सत्ता पक्ष के लिए अधिवेशन का अब कोई गंभीर महत्त्व ही नहीं रह गया हैऐसा आरोप महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।

नागपुर विधान भवन में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि भाजपा महायुति सरकार के दौर में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर बढ़ा है। हर दिन भ्रष्टाचार के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। पैसों का खुला खेल चल रहा है। भ्रष्टाचार ही इस सरकार का मूल मंत्र बन गया है। न खाऊंगान खाने दूंगा’ से शुरू हुई यात्रा अब मिल-बांटकर खाएंगे’ तक पहुँच गई है। राज्य के भ्रष्टाचार पर श्वेतपत्र जारी कर उस पर चर्चा होनी चाहिएलेकिन सत्ता पक्ष ही सदन का कामकाज सुचारू रूप से चलने नहीं देता। गंभीर विषयों पर चर्चा चल रही होती हैतब भी सत्ता पक्ष के सदस्य मज़ाक करते रहते हैं। लोकतंत्र का मज़ाक बनकर रह गया है। सत्ता पक्ष के ही कुछ सदस्य भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैंसरकार को अब तो आंखें खोलनी चाहिएसपकाल ने कहा।

नेता प्रतिपक्ष पद के मुद्दे पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष पद के लिए 10 प्रतिशत सदस्य संख्या का हवाला दिया जा रहा है। यदि ऐसा हैतो ऊपरी सदन में 10 प्रतिशत संख्या मौजूद है और सरकार को प्रस्ताव भी दिया गया हैफिर वहां नेता प्रतिपक्ष की घोषणा क्यों नहीं की जातीलोकतांत्रिक व्यवस्था में कुछ प्रथाएंपरंपराएं और संकेतों का पालन किया जाता है। दोनों सभागृहों के प्रस्ताव मौजूद हैंलेकिन सरकार संविधान के अनुसार काम नहीं करना चाहती। हम करें सो कायदा’ की पद्धति अपनाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कामकाज जबरन आगे बढ़ा रहे हैं। फडणवीस को लोकतांत्रिक मर्यादा का मान रखना चाहिए। वे जितना दिखावा करते हैंउतना ही नियम और संकेतों का पालन भी करना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष पद देना सरकार का राजधर्म हैलेकिन फडणवीस उससे बच रहे हैंऐसा भी सपकाल ने कहा।

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