
मुंबई:नासिक से मुंबई तक लॉन्ग मार्च निकालकर आए और दादर स्थित कांग्रेस कार्यालय में रात के समय विश्राम कर रहे आदिवासी विद्यार्थियों को गिरफ्तार करना भाजपा सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये का उदाहरण है। आधी रात को विद्यार्थियों को गिरफ्तार करने की आवश्यकता ही क्या थी? पुलिस आदिवासी विद्यार्थियों के साथ NSUI के प्रदेश अध्यक्ष सागर सालुंके और मुंबई NSUI के अध्यक्ष प्रद्युम यादव को तत्काल रिहा करे, अन्यथा कांग्रेस के राज्यभर के सभी नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के ‘वर्षा’ बंगले का घेराव करेंगे, ऐसी चेतावनी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी है।
देवेंद्र फडणवीस की पुलिस द्वारा आदिवासी विद्यार्थियों पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस कार्यालय में पुलिस भेजकर आदिवासी विद्यार्थियों तथा NSUI के प्रदेश अध्यक्ष सागर सालुंके और मुंबई NSUI के अध्यक्ष प्रद्युम यादव को हिरासत में लेना दबंगई है। आंदोलन के लिए आए ये विद्यार्थी क्या अपराधी हैं? क्या आंदोलन करना अपराध है? देवेंद्र फडणवीस, ‘अति वहाँ माटी’ यह याद रखिए। आप कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में आधी रात को पुलिस भेजते हैं, हमारे कार्यालय में घुसते हैं; अब हम वर्षा बंगले की ओर कूच करेंगे। आदिवासी विद्यार्थियों की आवाज दबाने के इस प्रयास को हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। विद्यार्थियों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए कांग्रेस पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने तिलक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय में पुलिस भेजकर आदिवासी विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शोभा नहीं देता। विद्यार्थी अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर आए हैं, ऐसे में उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करना उचित नहीं है। तिलक भवन कांग्रेस का कार्यालय है और यहां कोई भी आ सकता है, लेकिन पुलिस ने इस कार्यालय के चारों ओर बैरिकेड्स लगाकर नाकाबंदी कर दी है। क्या यह जंगलराज है? ऐसा सवाल भी वर्षा गायकवाड ने उठाया।
विधायक भाई जगताप ने भी तिलक भवन पहुंचकर विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि, मुंबई पुलिस द्वारा कांग्रेस कार्यालय में घुसकर की गई कार्रवाई निंदनीय है। आधी रात को हिरासत में लेने के लिए आदिवासी विद्यार्थी कोई अपराधी नहीं हैं। पुलिस ने विद्यार्थियों को हिरासत में लेकर कुछ को येलो गेट पुलिस स्टेशन, जबकि कुछ को ठाणे ले जाया गया। इनमें कुछ छात्राएं भी हैं। विद्यार्थियों को तीन घंटे तक पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ा रखा गया। NSUI के अध्यक्ष को हिरासत में लेकर पूरे शहर में घुमाया गया। आखिर यह सब क्या चल रहा है? पुलिस की यह दबंगई और गुंडागर्दी कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी, ऐसी चेतावनी भी भाई जगताप ने दी।
कांग्रेस पार्टी के कार्यालय तिलक भवन में पुलिस द्वारा आधी रात को घुसकर की गई कार्रवाई का कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोरात सहित सभी प्रमुख नेताओं ने विरोध किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की इस दमनकारी कार्रवाई के सामने कांग्रेस झुकने वाली नहीं है और कांग्रेस पार्टी आदिवासी विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है।





























































































































































































