3.28 crore voters' names removed via SIR; a major conspiracy to strangle democracy by snatching away the right to vote: Harshvardhan Sapkal
3.28 crore voters' names removed via SIR; a major conspiracy to strangle democracy by snatching away the right to vote: Harshvardhan Sapkal

मुंबई:भारतीय जनता पार्टी निर्वाचन आयोग के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाकर उन्हें मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित कर रही है। देशभर में चल रही यह साजिश अब महाराष्ट्र में भी आ गई है और SIR के नाम पर राज्य के 3 करोड़ 28 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह पूरा मामला बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग हटाए गए मतदाताओं की सूची जारी नहीं कर रहा है और न ही कोई स्पष्ट आंकड़े दे रहा है। निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता नहीं है। पूरा कामकाज ही रहस्यमय और संदिग्ध है। यह एक बड़ी साजिश है और मतदान का अधिकार छीनकर लोकतंत्र का गला घोंटने का बड़ा प्रयास है, ऐसा गंभीर आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने लगाया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक दल के उपनेता विधायक अमीन पटेल, विधायक भाई जगताप, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, प्रदेश महासचिव एडवोकेट संदेश कोंडविलकर, अभिजीत सपकाल आदि उपस्थित थे।

निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में मतदाताओं की संख्या 9 करोड़ 78 लाख थी। इसमें से 3 करोड़ 28 लाख मतदाताओं को हटाने के बाद केवल 6.5 करोड़ मतदाता ही रह जाते हैं। महाराष्ट्र की आबादी 12 करोड़ है, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार वयस्क आबादी 10 करोड़ से अधिक है। इन आंकड़ों को देखते हुए राज्य में 10 करोड़ से अधिक मतदाता होने चाहिए, लेकिन निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार केवल 6.5 करोड़ मतदाता ही हैं। सरकार के विभिन्न विभागों के आंकड़े अलग-अलग क्यों हैं? इससे निर्वाचन आयोग का दोहरा रवैया और लापरवाही स्पष्ट होती है। राज्य में गणेशोत्सव सहित अन्य त्योहार और उत्सव चल रहे हैं, ऐसे समय में दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने 31 अगस्त से 30 सितंबर तक का समय दिया है। इस समय-सीमा को तीन महीने बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन निर्वाचन आयोग की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

अनामोली’ के रूप में जिन 1 करोड़ 22 लाख मतदाताओं के नाम बताए गए हैं, उन्हें निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी नहीं किए हैं। सभी संदिग्ध मतदाताओं के 3 करोड़ 28 लाख नामों का डेटा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर विधानसभा क्षेत्र और बूथवार यह सूची प्रकाशित की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। निर्वाचन आयोग यह आंकड़ा क्यों छिपा रहा है? इसमें क्या रहस्य है? SIR के माध्यम से लाखों मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित करने का जो सिलसिला देशभर में चल रहा है, उसी को महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्री आगे बढ़ा रहे हैं। यह महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा संकट है।

SIR च्या माध्यमातून ३ कोटी २८ लाख मतदारांची नावे वगळली; मतदानाचा हक्क हिरावून घेत लोकशाहीचा गळा घोटण्याचा मोठा डाव: हर्षवर्धन सपकाळ

जपा महायुति सरकार ‘वोट चोरी’ के माध्यम से सत्ता में आई है, यह बात कांग्रेस पार्टी ने कई उदाहरणों और सबूतों के साथ सार्वजनिक रूप से कही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्वाचन क्षेत्र तथा नागपुर जिले के कामठी विधानसभा क्षेत्र में किस तरह ‘वोट चोरी’ की गई, यह राहुल गांधी ने सबूतों के साथ बताया है। इस संबंध में राहुल गांधी का एक लेख भी समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था। महाराष्ट्र में 40 लाख मतदाता किस तरह बढ़े, यह भी सबूतों के साथ दिखाया गया था। अब भी 75 लाख मतदाताओं का कोई पता नहीं है, यह निर्वाचन आयोग ने ही स्वीकार किया है। इन्हीं 75 लाख फर्जी मतदाताओं के वोटों के सहारे भाजपा महायुति की सरकार राज्य में आई है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।

सूखा घोषित करने के लिए अक्टूबर का इंतजार क्यों

राज्य के अधिकांश हिस्सों में गंभीर सूखे की स्थिति दिखाई दे रही है, लेकिन सरकार सर्वेक्षण कराने पर अड़ी हुई है। सरकार कह रही है कि 5 अक्टूबर के बाद सर्वेक्षण के आदेश दिए जाएंगे। कर्नाटक सरकार ने सूखा घोषित कर दिया है, लेकिन महाराष्ट्र सरकार अभी तक निर्णय नहीं ले रही है। राज्य में तत्काल सूखा घोषित किया जाए और किसानों के बैंक खातों में प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की सहायता जमा की जाए। केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता जरूर लाई जाए, लेकिन राज्य सरकार ने शक्तिपीठ महामार्ग के लिए 78 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस निधि का इस्तेमाल किसानों के लिए किया जाए, ऐसा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा।

पार्टी में प्रवेश के लिए भाजपा की ओर से ब्लैकमेलिंग..

पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे को राहुल गांधी ने फोन कर पार्टी नहीं छोड़ने का आग्रह किया, इस संबंध में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक परिवार है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की यही भूमिका है। मुद्दा किसी एक नेता का नहीं है, बल्कि भाजपा ब्लैकमेल और धमकी देकर नेताओं को पार्टी में शामिल कराती है, यह लगातार दिखाई दे रहा है। ‘वन नेशन, वन पार्टी’ उनका लक्ष्य है। इस तरह की दबंगई का सभी को विरोध करना चाहिए। झूठे मामले दर्ज कर विपक्ष को खत्म करने का भाजपा का प्रयास है। राज्य में भी पार्टियां तोड़ने वाली एक गैंग सक्रिय है और इस प्रवृत्ति की निंदा की जानी चाहिए, ऐसा भी सपकाल ने कहा।

साहिल वाकोडे के परिवार के साथ कांग्रेस..

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे ने आत्महत्या की। यह पहला मामला नहीं है, बल्कि इसी संस्थान में इससे पहले भी ऐसी तीन घटनाएं हो चुकी हैं। साहिल वाकोडे के साथ अन्याय हुआ है, यह सामने आने के बाद ही पुलिस ने एट्रोसिटी का मामला दर्ज किया है। कांग्रेस पार्टी साहिल वाकोडे के परिवार के साथ खड़ी है। देशभर में 180 छात्रों ने आत्महत्या की है। देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ी कमियां हैं। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोलना चाहिए और नए शिक्षा मंत्री को भी इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

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