
मुंबई: चुनाव आयोग के भ्रष्ट कार्यप्रणाली और सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को मदद पहुंचाने वाले उसके रवैये को लेकर जनता में तीव्र रोष है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र और संविधान को पैरों तले कुचला है। पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कृत्य लोकतंत्र की हत्या करने वाला है। उन्हें सेवा से बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए, इस मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस सोमवार, दिनांक 28 सितंबर को राज्यभर में आंदोलन करेगी।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने समय-समय पर ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर आवाज उठाई है और अब इस संबंध में उठाए गए सवालों की पुष्टि हो रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से और एकतरफा तरीके से चुनाव आयोग का संचालन कर रहे हैं। चुनाव आयोग की तानाशाहीपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण मतदाता सूचियों से अनेक पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। एसआईआर (SIR) अभियान के माध्यम से चुनाव आयोग ने देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए हैं। इनमें महाराष्ट्र के 3 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान 47 लाख मतदाताओं की संख्या बढ़ाई गई थी, लेकिन अब इन 47 लाख मतदाताओं का भी कोई पता नहीं है। बिहार और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
मुख्य निवडणूक आयुक्त ज्ञानेशकुमार यांच्या विरोधात काँग्रेस आक्रमक, सोमवार दिनांक २८ रोजी राज्यभर आंदोलन
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली ही संदेह के घेरे में है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ज्ञानेश कुमार जैसे भ्रष्ट अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए, यह कांग्रेस की मांग है। सोमवार को राज्य के सभी जिलों में तीव्र आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में संबंधित जिलों के सभी नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, विधायक और सांसद बड़ी संख्या में शामिल होंगे, ऐसी जानकारी प्रदेश कांग्रेस की ओर से दी गई है।




























































































































































































