Is Fadnavis the spokesperson for the Election Commission? Why is he answering questions addressed to the Commission?: Harshvardhan Sapkal
Is Fadnavis the spokesperson for the Election Commission? Why is he answering questions addressed to the Commission?: Harshvardhan Sapkal

मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राहुल गांधी पर टीका-टिप्पणी करने की जैसे बीमारी ही लग गई है। चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब फडणवीस क्यों दे रहे हैं? क्या देवेंद्र फडणवीस चुनाव आयोग के प्रवक्ता हैं? यह सवाल महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।

राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों के कारण चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा सामने आया है। दो चुनाव आयुक्तों द्वारा लिखित रूप में दर्ज कराई गई आपत्तियों से मतचोरी के आरोपों को गंभीरता मिली है। लोकतंत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन सवालों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने के बजाय भाजपा के नेता राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने में व्यस्त हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधानसभा क्षेत्र में महज पांच महीनों में आठ प्रतिशत मतदाताओं की वृद्धि होने का मुद्दा राहुल गांधी ने उठाया था। इसी वजह से फडणवीस राहुल गांधी से घबरा गए हैं। मुगलों के घोड़ों को पानी में भी संताजी-धनाजी दिखाई देते थे, कुछ ऐसी ही स्थिति अब फडणवीस की हो गई है। उन्हें हर सवाल में अब राहुल गांधी ही दिखाई देते हैं। राज्य के किसान, बेरोजगार युवा और आम नागरिकों के सवालों पर ठोस जवाब देने के बजाय राहुल गांधी पर हमला करना ही सरकार का मानो एकमात्र कार्यक्रम बन गया है।

यदि चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठे हैं तो उसका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। मुख्यमंत्री को आयोग का पक्ष रखने के बजाय महाराष्ट्र की जनता के सवालों का जवाब देना अधिक महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी के दिमाग की चिंता करने के बजाय मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र के किसानों के सिर पर चढ़े कर्ज, बर्बाद हुई फसलों और उनके परिवारों पर आए आर्थिक संकट को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

फडणवीस निवडणूक आयोगाचे प्रवक्ते आहेत का? आयोगाला विचारलेल्या प्रश्नांची उत्तरे फडणवीस का देत आहेत?: हर्षवर्धन सपकाळ

सूखाग्रस्त जनता को आर्थिक सहायता कब मिलेगी, चारा शिविर कब शुरू होंगे और नुकसानग्रस्त किसानों के खातों में सहायता राशि कब जमा होगी, यह मुख्यमंत्री को बताना चाहिए। यदि ये सवाल हल करना संभव नहीं है तो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर पूर्णकालिक चुनाव आयोग के प्रवक्ता के रूप में काम करें, ऐसा तंज हर्षवर्धन सपकाल ने कसा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here