
मुंबई: नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाकर पंडित जवाहरलाल नेहरू से अधिक समय तक इस पद पर रहने का दावा किया है और इसका खूब प्रचार किया जा रहा है, लेकिन नरेंद्र मोदी का 12 वर्षों का योगदान और देश के लिए उनका वास्तविक कार्य क्या है, यह खोज का विषय है। पिछले 12 वर्षों में नरेंद्र मोदी देश को गलत दिशा में ले गए हैं और इसकी भारी कीमत देश को आने वाले कई वर्षों तक चुकानी पड़ेगी। यदि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का मूल्यांकन किया जाए तो इस सरकार में न ‘राम’ है और न ही दिखाने लायक कोई ‘काम’ है, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल Harshwardhan Vasantrao Sapkal ने कहा।
तिलक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि सत्ता में आने से पहले नरेंद्र मोदी ने हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा कराने, हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार देने, किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, 100 स्मार्ट सिटी बनाने, आतंकवाद का सफाया करने, पेट्रोल-डीजल 35 रुपये प्रति लीटर और गैस सिलेंडर 100 रुपये में उपलब्ध कराने तथा ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। रुपया लगातार कमजोर होकर 100 के करीब पहुंच गया, जीडीपी की रफ्तार घटी, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाएं विफल रहीं और अमेरिका के सामने मोदी सरकार ने आत्मसमर्पण कर दिया। यही उनकी उपलब्धियां हैं। मोदी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार में भारी वृद्धि हुई है और यह सरकार ‘हम दो, हमारे दो’ की पहचान वाली सरकार बन गई है, जो केवल कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है।
सपकाल ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता के बाद भारत को विश्व में एक महत्वपूर्ण राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने बड़े बांधों का निर्माण कराया, इसरो, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, आईआईटी, आईआईएम जैसी संस्थाओं की नींव रखी। विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय महत्व की संस्थाओं का निर्माण किया और देश में आधारभूत संरचना विकसित की। नेहरू के नेतृत्व को विश्व स्तर पर सम्मान मिला। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पंडित नेहरू 11 वर्ष जेल में रहे। पंडित नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पी. वी. नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में देश ने विकास और प्रगति के महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किए। राजीव गांधी ने कंप्यूटर क्रांति की शुरुआत की, भारत को 21वीं सदी की ओर अग्रसर किया और सत्ता के विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया। शिक्षा का अधिकार कानून, सूचना का अधिकार कानून, खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा जैसी योजनाएं कांग्रेस सरकारों की देन हैं। कांग्रेस सरकारों ने आर्थिक और कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए, लेकिन मोदी सरकार ने क्या किया, यह शोध का विषय है।
मंत्री गिरीश महाजन का बयान राष्ट्रविरोधी…
फडणवीस सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने पंजाब में एक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन ब्लू स्टार को ‘काला दिवस’ बताते हुए खालिस्तान समर्थक टिप्पणी की, जो देश की अखंडता के लिए चलाए गए अभियान, भारतीय सेना और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बलिदान का गंभीर अपमान है। सबसे गंभीर बात यह है कि उनका बयान खालिस्तान और आतंकवाद का समर्थन करने वाला प्रतीत होता है। इस देश ने आतंकवाद की बहुत बड़ी कीमत चुकाई है। महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपना बलिदान दिया है, और महाजन ने उनके योगदान का अपमान किया है।
सपकाल ने कहा कि जब देश में स्वतंत्रता आंदोलन चल रहा था, तब महाजन और उनकी विचारधारा से जुड़े लोग अंग्रेजों के साथ थे और दुर्भाग्यवश आज वे सत्ता में हैं। गिरीश महाजन का यह बयान देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने वाला है। इस राष्ट्रविरोधी बयान के लिए उन्हें मंत्रिमंडल और भाजपा से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। लेकिन इसके बजाय उनके बयान का बचाव किया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
































































































































































































