
मुंबई: देश में इस समय लोकतंत्र के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पहले वोट चोरी की गई, उसके बाद सीट चोरी हुई, फिर राजनीतिक दलों की चोरी की गई, लोगों की आस्था पर हमला किया गया और अब सबसे बड़ा खतरा सामने आया है। अब यह सरकार नागरिकता भी छीनने का काम कर रही है। इस गंभीर खतरे को पहचानिए। नागरिकता से वंचित कर आपके मानवीय अधिकार और संवैधानिक अधिकार छीने जा रहे हैं। इसलिए समय रहते सावधान हो जाइए और लोकतंत्र बचाने के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कीजिए। यह आह्वान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan ने किया।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से तिलक भवन में ‘लोकतंत्र बचाओ संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया। इस सभा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की। इस अवसर पर विधान परिषद में कांग्रेस विधायक दल के नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं तेलंगाना के सह-प्रभारी सचिन सावंत, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक चरणजीत सप्रा, वरिष्ठ समाजसेविका उल्का महाजन, तीस्ता सीतलवाड़, चित्रा राणे, जयंत दिवाण सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मेरा राज्यसभा नामांकन पत्र अवैध रूप से रद्द किया जाना केवल मेरा व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि मेरे नामांकन को रद्द करने के लिए एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया था। भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद उसने तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा। चुनाव निर्णय अधिकारी पर दबाव बनाया गया। हमारी आपत्तियों पर कोई ध्यान दिए बिना निर्णय लिया गया। मेरे नामांकन पर आपत्ति उठाकर मुझे पर्याप्त समय और अवसर नहीं दिया गया, जबकि झारखंड के एक उम्मीदवार को अपने नामांकन की त्रुटियाँ सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया। हमारी बात तक नहीं सुनी गई। इसके बाद पूरे देश में इस अन्याय के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्यक्त किया गया और लोगों ने आवाज़ उठाई। मेरे लिए राज्यसभा से अधिक जनसभा महत्वपूर्ण है।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन अवैध रूप से रद्द कर केवल उनके साथ अन्याय नहीं किया गया, बल्कि लोकतंत्र के साथ अन्याय किया गया है। आज देश में ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति है और अब आज़ादी की दूसरी लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। देश में आज दो ही विचारधाराएँ हैं—मनुवादी और संविधानवादी। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
विधान परिषद में कांग्रेस विधायक दल के नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल गई हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था गंभीर संकट में है। सरकार विपक्ष की आवाज़ को दबाने का काम कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए अत्यंत घातक है। इसलिए लोकतंत्र को बचाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। इस संघर्ष में 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को बड़ी संख्या में जोड़ना होगा, क्योंकि देश की लगभग 54 प्रतिशत आबादी इसी वर्ग की है। आज इतिहास को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। इस गलत इतिहास को फैलने से रोकना होगा। सोशल मीडिया एक बड़ी ताकत है और उसका अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।
तुषार गांधी ने कहा कि आज देश की स्थिति ब्रिटिश शासन से भी अधिक खराब हो चुकी है। लोगों को वैचारिक रूप से गुलाम बनाया जा रहा है। इस सरकार के खिलाफ सड़कों पर बड़ा जनांदोलन खड़ा करना होगा। जब तक व्यापक जनविरोध नहीं होगा, तब तक सत्ता को झटका नहीं लगेगा। संविधान का विरोध आज से नहीं, बल्कि संविधान निर्माण के समय से ही किया जाता रहा है। सत्ता में बैठी भाजपा संविधान को मजबूत करने वाली संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। यदि ये संस्थाएँ बचेंगी, तभी संविधान भी सुरक्षित रहेगा। सरकार की नाक में दम कर देने वाले व्यापक जनआंदोलन की आज आवश्यकता है। इस अवसर पर उल्का महाजन और तीस्ता सीतलवाड़ ने भी सभा को संबोधित किया।





























































































































































































