
मुंबई : इंडिया आघाडी (India Alliance) ने मोदी सरकार का एजेंडा चलाने वाले कुछ टीवी पत्रकारों के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है, लेकिन इसकी मिर्च भारतीय जनता पार्टी (BJP) क्यों लग रही है । पत्रकारिता के नाम पर धार्मिक तनाव बढ़ाने का काम करने वालों के कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन ने शामिल नहीं होने की जरूरत महसूस की है। इसे लेकर बीजेपी को क्यों आपत्ति हो रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे (Atul Londhe) ने कहा है कि बीजेपी, इंडिया गठबंधन को घमंडी और तानाशाह बता रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) असली घमंडी हैं , जिन्होंने पिछले साढ़े नौ साल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।
बीजेपी के बारे में बात करते हुए अतुल लोंढे ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के लिए आए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को मोदी सरकार ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत नहीं दी। इसलिए उन्होंने वियतनाम जाकर मोदी सरकार को खरी खोटी सुनाई। साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने एनडीटीवी के रवीश कुमार के कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस सामूहिक बलात्कार मामले पर रिपोर्टिंग के आरोप में यूएपीए अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 23 महीने बाद उन्हें जमानत दे दी। मराठा आरक्षण पर सह्याद्रि गेस्ट हाउस में बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से पहले वायरल हुए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच बातचीत को लेकर पत्रकार सुधीर सूर्यवंशी के ट्वीट के खिलाफ महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने शिकायत की है। मुंबई-गोवा हाईवे मुद्दे पर आंदोलन को कवर करते वक्त बीजेपी सरकार की पुलिस ने पत्रकारों की पिटाई कर दी। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अमेठी में एक पत्रकार से बहस के बाद अपनी नौकरी गंवानी पड़ी, जिसने उनसे तीखे सवाल किए थे। देश भर में ऐसे कई उदाहरण हैं जब मोदी सरकार के खिलाफ रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों को नौकरी से निकालने के लिए मजबूर किया गया ।
अतुल लोंढे ने कहा कि विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 180 देशों में से 161 वें स्थान पर है , जिससे पता चलता है कि भारत में मीडिया कितना स्वतंत्र है। 2014 के बाद से भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार मीडिया में जबरदस्त दखल दे रही है। देश में अधिकांश मीडिया को भाजपा के करीबी उद्योगपतियों ने खरीद लिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी सरकार इस हद तक गिर गई है कि संसद में विपक्षी दलों के नेताओं का माइक्रोफोन बंद करा दिया जाता है। इसलिए बीजेपी द्वारा मीडिया की आजादी की बात करना, उलटा चोर कोतवाल को डांटे की तरह है।




























































































































































































