'Panauti' people's feelings, Rahul Gandhi attacked even without taking anyone's name, then why is BJP worried?
'Panauti' people's feelings, Rahul Gandhi attacked even without taking anyone's name, then why is BJP worried?

मुंबई: राज्य में इस वक्त मराठा, ओबीसी, धनगर समुदाय आरक्षण की मांग कर रहे हैं और उनकी मांग सही है। साल 2014 के बाद से, भारतीय जनता पार्टी ने इन समुदायों को आरक्षण दिलाने के नाम पर सिर्फ खोखले वादे दिए हैं। केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार होने के बावजूद उन्होंने किसी भी समुदाय को आरक्षण नहीं दिया बल्कि सिर्फ धोखा दिया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने कहा है कि यदि आरक्षण का मुद्दा सुलझाना है तो जातिवार जनगणना की जानी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस की सत्ता आने के बाद जातिवार जनगणना की जाएगी और आरक्षण का मुद्दा भी सुलझा लिया जाएगा।

सोमवार को तिलक भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य में आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है।  आरक्षण को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद पैदा करने का पाप भाजपा कर रही है। उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस नागपुर में कहते हैं कि वह ओबीसी के लिए आरक्षण को नहीं छूएंगे और वही फडणवीस दूसरी तरफ कहते हैं  कि सिर्फ भाजपा ही मराठों को आरक्षण दे सकती है। वास्तव में उपमुख्यमंत्री दोनों समुदायों को गुमराह कर रहे हैं। अगर आरक्षण का मसला सुलझाना है तो केंद्र सरकार तुरंत कर सकती है।  जातिवार जनगणना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण तरीका है लेकिन भाजपा इस जनगणना के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी, सोनिया जी गांधी और राहुल जी गांधी ने जातिवार जनगणना कराए जाने की  मांग की है। हमारे शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस की सत्ता  आने के बाद जातिवार जनगणना कराने का भी वादा किया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में कम बारिश हुई है। मराठवाड़ा में भी स्थिति गंभीर है। हमने 7 अक्टूबर से महाराष्ट्र का दौरा किया और वहां की स्थिति देखी है और स्थानीय लोगों से बातचीत की है ।लोगों के सामने पेयजल, पशु चारा समेत कई मुद्दे हैं।  किसान, मजदूर, आम लोग परेशान हैं। सरकार से इस क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की जा रही है, लेकिन यह सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है।  दो-तीन कैबिनेट बैठकें हुईं लेकिन सूखे पर कोई चर्चा नहीं हुई।  इस ईडीए सरकार को जनता से कोई लेना-देना नहीं है। एक मंत्री अभिनंदन करने में मस्त हैं, दूसरे मंत्री छत्रपति शिवाजी महाराज के बाघ नख लाने की बात कह कर जनता के पैसे से लंदन घूमने का मज़ा ले रहे हैं।  

नाना पटोले ने कहा कि पूर्व आईपीएस अधिकारी मीरा बोरवणकर ने अपनी किताब में येरवडा भूमि घोटाले का मुद्दा उठाया और उल्लेख किया कि तत्कालीन पालक मंत्री ‘दादा’  ने इसके लिए दबाव बनाया था। बोरवणकर द्वारा किताब में उल्लिखित मंत्री ‘दादा’ कौन हैं? लोगों को यह पता होना चाहिए। पुलिस प्रशासन में इस सरकार को लेकर काफी नाराजगी है।  भाजपा के कुछ लोगों ने फोन टैपिंग मामले में जिनकी छवि खराब हुई थी, उस अधिकारी को पुलिस महानिदेशक बनाने की तैयारी कर ली है। राज्य में यह सब क्या चल रहा है? पटोले ने सवाल उठाया कि अगर कोई अधिकारी घोटाले के बारे में बयान देता है तो आप उसके खिलाफ विरोध की धमकी कैसे देते हैं? जब कुछ किया ही नहीं तो क्यों डरें? नाना पटोले ने यह सवाल भी उठाया है।  

लोग न घर में सुरक्षित हैं, न बाहर सुरक्षित..

नाना पटोले ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि वैजापुर में समृद्धि हाईवे पर एक दुर्घटना में 12 लोगों की मौत हो गई। पिछले 9 महीनों में समृद्धि हाईवे पर 860 दुर्घटनाएं हुईं और 1000 लोगों की मौत हुई और काफी संख्या में लोग घायल हुए हैं।  जब कोई दुर्घटना होती है तो सरकार जांच की घोषणा करती है। आखिर अब  कितनी जांच होगी और पहले से घोषित जांच का क्या हुआ? पहले इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। हर कोई जानता है कि इस राजमार्ग को किसने समृद्ध किया। नाना पटोले ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली शिंदे सरकार के दौरान लोग घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं और अगर सड़कों पर निकलते हैं तो सड़कों भी उनके लिए सुरक्षित नहीं हैं।

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