How harmful are chips and wafers for children? Find out their impact on health
How harmful are chips and wafers for children? Find out their impact on health

Chips for children चिप्स और वेफर्स बच्चों के पसंदीदा स्नैक्स में शामिल हैं। स्वाद और आसानी से उपलब्ध होने के कारण बच्चे इन्हें बार-बार खाने की जिद करते हैं। लेकिन मेडिकल और पोषण के नजरिए से इन्हें रोजाना या बड़ी मात्रा में खिलाना सही नहीं माना जाता।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए विविध और पोषक आहार जरूरी है, जबकि अधिक नमक, अस्वास्थ्यकर वसा और शुगर वाले अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित किया जाना चाहिए।

1. ज्यादा नमक बन सकता है समस्या

कई पैकेज्ड स्नैक्स में सोडियम की मात्रा काफी अधिक हो सकती है। CDC के अनुसार बच्चों और किशोरों के आहार में चिप्स, क्रैकर्स और पॉपकॉर्न जैसे नमकीन स्नैक्स सोडियम के प्रमुख स्रोतों में शामिल हैं।

बच्चों के आहार में लंबे समय तक बहुत अधिक सोडियम लेना उचित नहीं है। WHO भी बच्चों के लिए नमक और सोडियम की मात्रा सीमित रखने की सलाह देता है।

2. मोटापे का खतरा बढ़ सकता है

चिप्स और वेफर्स जैसे स्नैक्स अक्सर कैलोरी से भरपूर होते हैं लेकिन इनमें शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम हो सकते हैं।

अगर बच्चा नियमित रूप से ऐसे स्नैक्स खाता है और शारीरिक गतिविधि कम है, तो अतिरिक्त कैलोरी अस्वस्थ वजन बढ़ने में योगदान कर सकती है। WHO के अनुसार अस्वास्थ्यकर आहार और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन बच्चों में अधिक वजन और मोटापे के जोखिम से जुड़ा है।

3. जरूरी पोषक तत्वों की जगह ले सकते हैं

बच्चों के विकास के लिए प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व जरूरी होते हैं।

अगर बच्चा भूख लगने पर बार-बार चिप्स या वेफर्स खाता है, तो वह फल, सब्जियां, दाल, दूध, अंडे, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ कम खा सकता है।

WHO के अनुसार बच्चों के आहार में फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और अन्य पोषक खाद्य पदार्थों की विविधता महत्वपूर्ण है।

4. ज्यादा तला-भुना और अस्वास्थ्यकर फैट

कई पैकेज्ड स्नैक्स में वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। WHO स्वस्थ आहार में अस्वास्थ्यकर संतृप्त वसा और औद्योगिक ट्रांस फैट को सीमित करने की सलाह देता है तथा अत्यधिक तले और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम रखने को कहता है।

5. खाने की आदतों पर भी असर

बचपन में खाने की जो आदतें विकसित होती हैं, वे आगे भी जारी रह सकती हैं। इसलिए अगर बच्चा रोजाना पैकेज्ड और नमकीन स्नैक्स का आदी हो जाता है, तो फल, सब्जियां और अन्य प्राकृतिक खाद्य पदार्थ उसे कम पसंद आ सकते हैं।

WHO के अनुसार बचपन और किशोरावस्था में विकसित खान-पान की आदतें आगे के जीवन में भी बनी रह सकती हैं।

क्या बच्चों को चिप्स बिल्कुल नहीं देने चाहिए?

ऐसा कहना सही नहीं होगा कि हर बच्चे को चिप्स जीवनभर बिल्कुल नहीं खाने चाहिए। मुख्य बात है मात्रा और आवृत्ति।

कभी-कभार थोड़ी मात्रा में देना और इसे रोजाना का स्नैक बना देना—दोनों में काफी अंतर है। बच्चे के नियमित आहार में पौष्टिक और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर है।

छोटे बच्चों के लिए CDC विशेष रूप से ज्यादा सोडियम वाले खाद्य पदार्थों से बचने और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का लेबल देखकर कम सोडियम वाले विकल्प चुनने की सलाह देता है।

बच्चों के लिए चिप्स की जगह क्या दें?

माता-पिता चिप्स और वेफर्स की जगह ये विकल्प दे सकते हैं:

– ताजे फल जैसे केला, सेब, संतरा या अमरूद
– खीरा और गाजर
– घर का बना पोहा या उपमा
– भुना हुआ चना
– मखाना, कम नमक के साथ
– दही
– उबला हुआ अंडा
– घर का बना सैंडविच
– साबुत अनाज से बने स्नैक्स
– बिना ज्यादा नमक वाला पॉपकॉर्न

WHO बच्चों के लिए स्नैक के रूप में ताजे फल और कच्ची सब्जियों को अधिक नमक, शुगर या फैट वाले स्नैक्स की तुलना में बेहतर विकल्प बताता है।

माता-पिता इन 5 बातों का रखें ध्यान

1. चिप्स और वेफर्स को रोजाना का स्नैक न बनाएं।
2. पैकेट खरीदते समय Nutrition Facts/पोषण लेबल जरूर देखें।
3. ज्यादा सोडियम और अस्वास्थ्यकर वसा वाले उत्पादों को सीमित करें।
4. घर में फल और पौष्टिक स्नैक्स आसानी से उपलब्ध रखें।
5. बच्चों को रोजाना पर्याप्त शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करें।

निष्कर्ष

चिप्स और वेफर्स स्वादिष्ट जरूर होते हैं, लेकिन इन्हें बच्चों के नियमित आहार का हिस्सा बनाना उचित नहीं है। इनमें मौजूद अधिक नमक, कैलोरी और अस्वास्थ्यकर वसा, साथ ही कम पोषण गुणवत्ता, बच्चे के संतुलित आहार को प्रभावित कर सकती है।

बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, दूध/दही, अंडे और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर है। WHO भी बच्चों के लिए कम नमक, कम अस्वास्थ्यकर वसा और विविध पोषक आहार पर जोर देता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। किसी बच्चे को विशेष स्वास्थ्य समस्या, मोटापा, एलर्जी या अन्य पोषण संबंधी समस्या है तो बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना उचित है।SEO Tags: बच्चों के लिए चिप्स के नुकसान, वेफर्स खाने के नुकसान, बच्चों की सेहत, बच्चों का हेल्दी डाइट, बच्चों का पोषण, हेल्दी स्नैक्स, Chips Side Effects, Wafers Side Effects, Kids Health

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