
नाशिक: आदिवासी छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर नाशिक सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में चल रहे आंदोलन के बीच कांग्रेस ने भाजपा महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मांग की है कि नाशिक में विशेष मंत्रिमंडल बैठक आयोजित कर आदिवासी छात्रों की सभी लंबित मांगों को तत्काल मंजूर किया जाए।
नाशिक में पिछले 15 से 20 दिनों से आदिवासी छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और अनशन कर रहे हैं। आंदोलन स्थल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया सहित अन्य नेताओं ने पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि भाजपा महायुति सरकार लंबे समय से आदिवासी छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों की समस्याओं को उठाने के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान देना शुरू किया है।
सपकाल ने कहा कि नाशिक विभाग में आदिवासी आबादी बड़ी संख्या में है। इसलिए सरकार को नाशिक में स्वतंत्र मंत्रिमंडल बैठक बुलाकर आदिवासी छात्रों की सभी मांगों पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को केवल घोषणा करने के बजाय ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू करना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आदिवासी विकास विभाग के कामकाज पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आदिवासियों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं का लाभ जरूरतमंद छात्रों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच रहा है। सपकाल ने पिछले दो वर्षों में 892 आदिवासी छात्रों की मौत का मुद्दा उठाते हुए इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर तय करने की मांग की।
उन्होंने आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि विभाग के कामकाज की जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्रों के भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने और सेंट्रल किचन व्यवस्था बंद करने की मांग भी उठाई।
सपकाल ने कहा कि नाशिक की तरह पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी आदिवासी छात्रों के आंदोलन जारी हैं। कांग्रेस पार्टी इन आंदोलनों और छात्रों के मोर्चों का समर्थन करती है तथा विभिन्न स्थानों पर आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के बाद सरकार आदिवासी छात्रों के मुद्दों पर सक्रिय होती दिखाई दे रही है।
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इस अवसर पर कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने भी आदिवासी विकास विभाग के कामकाज और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की। कांग्रेस नेताओं ने आदिवासी छात्रों की लंबित मांगों को तत्काल मंजूर करने की मांग दोहराई।

































































































































































































