
मुंबई: राज्य में लौटते मानसून ने कहर बरपाया है और किसान बेहद हताश हो चुका है। राज्यभर के लगभग सभी इलाकों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, यह खरीफ सीजन पूरी तरह चौपट हो गया है, किसान तबाह हो चुका है। इस ओर महायुति सरकार का कोई ध्यान नहीं है। किसान इतने बड़े संकट में है लेकिन महाराष्ट्र के सुलतान देवेंद्र फडणवीस या उनकी कैबिनेट के किसी मंत्री के मुँह से मदद की बात तक नहीं निकल रही। सरकार को इस आपदा की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए किसानों को तुरंत प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता देनी चाहिए, ऐसी माँग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।
तिलक भवन में पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि किसानों को मदद दी जाए, इसके लिए कांग्रेस पार्टी मई से लगातार मांग कर रही है। बारिश ने किसानों का सबकुछ छीन लिया है। फसलें तो गई ही हैं, लाखों हेक्टेयर जमीन भी खराब हो गई है। ऐसे समय में मायबाप सरकार से भरपूर मदद की अपेक्षा होती है, लेकिन पूर्व कृषि मंत्री तो ताश खेलने में व्यस्त रहे और मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री ध्यान ही नहीं दे रहे। पालकमंत्रियों को किसानों के खेतों पर जाना चाहिए था, लेकिन उनके पास भी समय नहीं है। किसानों के आँसू पोंछने महायुति सरकार गई ही नहीं। अब किसान रबी सीजन की ओर उम्मीद लगाए बैठा है, इस सीजन के लिए बीज और खाद मुफ्त उपलब्ध कराए जाएँ, ऐसी भी माँग सपकाल ने की।
मुंबई महानगरपालिका पर प्रशासक नहीं ‘डाकू’…
बारिश के कारण मुंबई की सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, लेकिन महानगरपालिका कहीं काम करती नहीं दिख रही। मुंबई महापालिका के पास 90 हजार करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि थी, जिस पर महायुति सरकार ने डाका डाला और ऊपर से 1300 करोड़ का कर्ज भी लिया। महायुति सरकार ने महानगरपालिका पर प्रशासक नहीं बल्कि डाकू बैठाया है और मुंबईकरों के पैसों की लूट जारी है। इस मामले में श्वेतपत्र जारी करें, ऐसी माँग कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए..
बेंगलुरु के मेट्रो स्टेशन के नाम को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने झूठ बोलकर जनता को गुमराह किया है। इससे उच्चशिक्षित फडणवीस की अज्ञानता उजागर हुई है। वास्तव में शिवाजीनगर एक इलाके का नाम है और उस क्षेत्र में दो मेट्रो स्टेशन हैं। नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन शिवाजी महाराज के नाम पर फडणवीस ने बिना जानकारी लिए अपनी आदत के अनुसार झूठ बोलकर गुमराह किया। इसके लिए उन्हें जनता से सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए। असल में भाजपा परिवार ने ही लगातार छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया है। सावरकर ने महाराज के बारे में क्या लिखा है, यह भी फडणवीस को पढ़ना चाहिए। खास बात यह है कि जिस शिवाजीनगर को लेकर विवाद खड़ा किया गया, वहाँ मुस्लिम और अनुसूचित जाति बहुल जनता रहती है। उन्होंने कभी भी इस नाम का विरोध नहीं किया और न ही नाम बदलने की माँग की। लेकिन फडणवीस जानबूझकर झूठ बोलकर धार्मिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा भी सपकाळ ने कहा।
अशोक चव्हाण जैसा ‘वनवास’ सभी को मिले..
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने कहा कि अशोक चव्हाण को विधायक, सांसद, मंत्री, दो बार मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद कांग्रेस पार्टी ने दिए। उनके पिता शंकरराव चव्हाण को भी मंत्री, दो बार मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री जैसे बड़े पद मिले। ऐसा ‘वनवास’ सभी को मिले, यही कार्यकर्ताओं की भावना है, ऐसा तंज सपकाल ने कसा।
मंगलवार 16 सितंबर को तिलक भवन में रोजगार मेला..
राज्य में 2.5 लाख सरकारी पद रिक्त होने के बावजूद सरकार भर्ती नहीं कर रही है, जिसके कारण लाखों योग्य युवक-युवतियाँ रोजगार से वंचित हैं। युवाओं को रोजगार मिले, इस उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी ने पहल की है और 16 सितंबर को तिलक भवन में भव्य रोजगार मेला आयोजित किया गया है। आईटी, बैंकिंग, रिटेल, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेस जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 40 से अधिक नामी कंपनियाँ इसमें भाग लेंगी।




























































































































































































